थुनाग में आयोजित मेगा लीगल लिटरेसी कैंप में बार एसोसिएशन सराज के अध्यक्ष अधिवक्ता हेम सिंह ठाकुर ने पर्यावरण संरक्षण पर गहन और प्रेरणादायक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है और इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
ठाकुर ने कहा, “प्रदूषण, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हमारी धरती को नष्ट कर रहे हैं। सराज में आई आपदा का 60 फीसदी हिस्सा मानव निर्मित था – अवैज्ञानिक निर्माण और नदी-नालों में मलबा डालने से बहाव अवरुद्ध हुआ, जिससे तबाही मची। अगर हमने अभी नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”
उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा राज्य की जिम्मेदारी और हमारा मौलिक कर्तव्य है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986, वन (संरक्षण) अधिनियम 1980, वायु और जल प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ये कानून मजबूत हैं और इनके तहत कोई भी व्यक्ति या फैक्ट्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर जवाबदेह हो सकती है।
ठाकुर ने उपमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और NGT के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध होने की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पेड़ लगाएं, प्लास्टिक कम करें, पानी-बिजली बचाएं, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें।
अंत में उन्होंने कहा, “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ! पर्यावरण बचाओ, पृथ्वी बचाओ! आइए संकल्प लें कि हम मिलकर एक स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित भारत बनाएंगे।”
उनके वक्तव्य ने कैंप में मौजूद लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई जागरूकता पैदा की।
