जल जीवन मिशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में बोले उपायुक्त

अप्रैल में जल गुणवत्ता पर सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित होगी: अपूर्व देवगन

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, जल स्रोतों के रखरखाव, जल गुणवत्ता तथा वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाती है ताकि जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां गर्मी या सूखे की स्थिति में जल स्रोत प्रभावित होते हैं। उन्होंने गोहर क्षेत्र के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि सूखे की स्थिति में जल गुणवत्ता की निगरानी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अगले माह अप्रैल में एक दिवसीय सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जल परीक्षण, स्वच्छता मानकों तथा सुरक्षित पेयजल आपूर्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में स्थापित पानी के टैंकों की नियमित जांच और सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में सदस्य सचिव, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन एवं अधिशाषी अभियन्ता, जल शक्ति मंडल मंडी देवराज चौहान ने बताया कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ करने, जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जल गुणवत्ता परीक्षण को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन, स्रोत पुनर्जीवन तथा कैचमेंट क्षेत्र संरक्षण जैसे उपाय किए जा रहे हैं ताकि गर्मी के मौसम में भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसीमर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरिंदम रॉय सहित शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा जिला के विभिन्न मंडलों के अधिशाषी अभियंता वर्चुअल जुड़े थे ।

By Leela Dhar Chauhan

LeelaDhar Chauhan (9459200288) MD/Chief Admin AAS 24news email-leeladhar9@gmail.com

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