थुनाग व्यापार मंडल के चुनाव में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। व्यापार मंडल के इतिहास में पहली बार कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पुष्पराज को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया है। आज तक के इतिहास में यहाँ अमूमन भाजपा समर्थित प्रधान ही बनते रहे हैं, लेकिन इस बार व्यापारियों ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर योग्यता, निष्पक्षता और विनम्रता को प्राथमिकता दी है।
लीडरशिप क्वालिटी के आगे राजनीतिक समीकरण फीके
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि पुष्पराज की मजबूत लीडरशिप, योग्यता और मिलनसार स्वभाव के आगे विरोधी खेमे के समीकरण टिक नहीं पाए। व्यापारियों ने एक स्वर में उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें बाजार की बागडोर सौंपी है।
पूर्व कार्यकारिणी पर उपेक्षा के आरोप, आपदा में बनाई रखी दूरी
बाजार के बुद्धिजीवी व्यापारियों का कहना है कि पूर्व प्रधान और उनकी कार्यकारिणी वर्षों तक बाजार के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर पाई। प्राकृतिक आपदा के कठिन दौर में जब व्यापारियों को सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब तत्कालीन कार्यकारिणी ने उनसे दूरी बनाए रखी। व्यापारियों के अनुसार, जब पूर्व पदाधिकारियों को अपनी विदाई का अहसास हुआ, तब जाते-जाते महज औपचारिकता पूरी करने के लिए बाजार में एक वाटर कूलर और तीन बेंच लगवाए गए।
पिछली बैठक के विवाद के चलते पत्रकार ललित कुमार गुट रहा गैरहाजिर
चुनावी प्रक्रिया के बीच अंदरूनी खींचतान भी सामने आई। स्थानीय पत्रकार साथी ललित कुमार के अनुसार, पिछली बैठक में समर्थकों के आग्रह पर उन्होंने प्रधान पद के लिए इच्छा जताई थी, लेकिन कुछ सदस्यों की टालमटोल और कथित षड्यंत्र के कारण उस समय चुनाव नहीं हो सके। इसी नाराजगी के चलते ललित कुमार और उनके समर्थक आज की बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि, ललित कुमार ने खेल भावना दिखाते हुए पुष्पराज के चयन पर खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी।
पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता लीलाधर चौहान ने दी शुभकामनाएं
सामाजिक कार्यकर्ता एवं ‘दैनिक सवेरा टाइम्स’ के थुनाग से पत्रकार लीलाधर चौहान ने पुष्पराज को प्रधान बनने पर बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुष्पराज के कुशल नेतृत्व, निष्पक्ष कार्यशैली और मिलनसार व्यवहार से व्यापार मंडल नई बुलंदियों को छुएगा और थुनाग बाजार को नया आयाम मिलेगा।

लीलाधर चौहान ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2007 से 2018 तक थुनाग बाजार में स्वयं एक व्यापारी के रूप में कार्य किया है, इसलिए वे यहाँ की राजनीति और कार्यप्रणाली से भली-भांति वाकिफ हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नया नेतृत्व व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करेगा और बाजार के उत्थान के लिए निष्पक्ष भाव से काम करेगा।
