मंडी के द्रंग विधानसभा का अनुसूचित जाति अत्याचार मामला,

सिराज की तुंगाधार पंचायत प्रधान के खिलाफ भी एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज,

AAS 24news मंडी 6 जून
विशेष सूत्र

जिला मंडी के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल पधर के अंतर्गत एक महिला पटवारी सहायक कर्मचारी रीता देवी की शिकायत के आधार पर 5 महिलाओं के खिलाफ अनुसूचित जाति अधिनियम धारा 3 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दें 3 जून 2022 को महिला कर्मचारी अपने पटवार सर्कल कढयाण उप तहसील टिकन के पटवारी संघ गलू गांव में आबादी देश की निशानदेही यानी सरकारी कामकाज से जा रहे थे।
गांव में सार्वजनिक रास्ते पर उक्त गांव की महिलाओं ने महिला कर्मचारी रीता देवी को जाने से रोका था और जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया गया था हालांकि महिला कर्मचारी के साथ पटवारी और अंशकालीन कर्मचारी मौजूद थे मगर इन दोनों ने भी महिला कर्मचारी को सहयोग नहीं किया। गांव की महिलाओं ने अनुसूचित जाति की महिला कर्मचारी कहा था कि तूने इस गांव को अछूत कर दिया है फिर शुद्धि के लिए बकरा मांगा था हालांकि महिला बकरा देने के लिए मंजूर हो गई थी क्योंकि उस पर उनके पटवारी और गांव के लोगों ने दबाव बना दिया था।


महिला कर्मचारी ने 3 जून शाम के समय आस ग्रुप के चेयरमैन, ह्यूमन राइट्स डिफेंडर एवं अंबेडकर संघ के अध्यक्ष लीलाधर चौहान से टेलीफोन के माध्यम अपनी आपबीती बताई और एक पत्र के माध्यम घटित हुई घटना लिख कर भेजी जिसके आधार पर अंबेडकर संघ के अध्यक्ष लीलाधर चौहान ने पधर पुलिस से जवाब मांगा था तो एसएचओ 5 जून को महिला कर्मचारी के घर बयान लेने पहुंच गया।

महिला कर्मचारी ने बताया कि थाने के एसएचओ द्वारा 5 जून की सुबह उसे टेलीफोन के माध्यम से धमकाया गया और कहा गया कि समझौता क्यों नहीं कर रही है हालांकि स्थानीय प्रधान और लोगों द्वारा भी दबाव बनाया जा रहा था मगर वह घबराई नहीं बल्कि कानून के आधार पर अपने बयान पर अड़ी रही।
महिला के बयान के आधार पर एसएचओ को मजबूरन मामला दर्ज करना पड़ा।

क्या कहते हैं आस ग्रुप के चेयरमैन एवं ह्यूमन राइट डिफेंडर लीलाधर चौहान

इस मामले पर आस ग्रुप के चेयरमैन एवं ह्यूमन राइट्स डिफेंडर लीलाधर चौहान ने बताया की यह पहली बार नहीं हुआ है जहां इस तरह की वारदात सामने आई हो बल्कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान दौर में हर जिले में जातीय प्रताड़ना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पधर उपमंडल के थाना के अंतर्गत पिछले 1 वर्ष पहले भी एट्रोसिटी से जुड़ा हुआ मामला उनके ध्यान में आया था जहां एक युवक को देवता कमेटी के लोगों द्वारा बेरहमी से पीटा गया था जिस पर अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है। लीलाधर चौहान ने बताया कि पुलिस की लापरवाही और धीमी गति से कार्यवाही के कारण जातीय उत्पीड़न संबंधी मामले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र से जुड़े हुए मामले पर जब संज्ञान लिया था तो पुलिस ने पीड़ित और उनके खिलाफ धारा 186 का मामला बना दिया था जो वर्तमान में कोर्ट में चला है ।
लीलाधर चौहान ने मंडी पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में तुरंत गिरफ्तारी नहीं होती है तो कुछ दिनों में जिला मुख्यालय में एक धरने का आयोजन किया जाएगा । उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिन पहले यानी 21 जून मई को सराज विधानसभा क्षेत्र में भी जातीय प्रताड़ना का मामला तुंगाधार पंचायत में सामने आया था जहां प्रधान द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्ति दीवान चंद पर रात्रि के समय हमला किया गया था जिस पर मामला दर्ज किया गया है मगर अफसोस कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।


उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को एट्रोसिटी के मामलों को लेकर सख्त निर्देश जारी करें ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा ना आए।

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