लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां कहा कि प्रदेश में विकासात्मक योजनाओं और केंद्र सरकार से संबंधित परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं तथा हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और नई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न मामलों को केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है और इनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास और उन्नयन को प्रदेश सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस वर्ष, पिछले दो-तीन वर्षों की तुलना में प्रदेश में मानसून से सड़कों को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी, पोकलेन और अन्य मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि जहां भी भू-स्खलन अथवा मलबे के कारण सड़कें आवागमन के लिए बाधित होती हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों, बागवानों और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के तहत सैंज-लुहरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक सड़क के सुधार और टारिंग के लिए 25.11 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से जलोड़ी सुरंग परियोजना के लिए 1,775 करोड़ रुपये की स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह भी किया है। केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 303 पर  नगरोटा बगवां से रानीताल सड़क के लिए 395 करोड़ रुपये प्रदान करने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि उन्होंने केन्द्र सरकार से सेतु बंधन परियोजना के तहत पुलों के निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सीआरआईएफ और सेतु बंधन योजनाओं के अंतर्गत अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने तथा सीआरआईएफ के तहत सड़क परियोजनाओं के लिए वार्षिक आवंटन बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने का आग्रह भी किया है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में शहरों के सौंदर्यीकरण तथा आधारभूत ढांचे की क्षमता बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उन्होंने हिमाचल प्रदेश के शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से नए शहर विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा नियोजन संबंधी रूपरेखा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री को चंडीगढ़ की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमा से सटे क्षेत्र में प्रस्तावित नए शहर के लिए साझा आधारभूत ढांचे के विकास की आवश्यकता के बारे में भी अवगत करवाया है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत यूज्ड वाटर मैनेजमेंट कंपोनेंट में राज्य के 76 शहरी स्थानीय निकायों में से केवल 31 को ही शामिल किया गया है। उन्होंने शेष शहरी स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तुत अतिरिक्त परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान कर आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इन निधियों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने अमृत योजना के तहत शेष 64.45 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने का भी आग्रह किया है, ताकि राज्य में कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके।

By Leela Dhar Chauhan

LeelaDhar Chauhan (9459200288) MD/Chief Admin AAS 24news email-leeladhar9@gmail.com

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