5 सितंबर को मंडी में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान सांसद कंगना रनौत के आक्रामक तेवर और अधिकारियों के प्रति इस्तेमाल की गई शब्दावली को लेकर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में तीखी चर्चा छिड़ गई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद द्वारा अधिकारियों को कथित तौर पर ‘फूहड़’ कहना और ‘तू-तड़क’ की भाषा में बात करना सार्वजनिक मर्यादाओं के खिलाफ माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटनाक्रम के अनुसार, बैठक में सांसद ने अचानक आदेश देते हुए कहा— “BDO खड़ा हो जाए।” इस पर जब सभागार में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में एक नहीं, बल्कि कई खंड विकास अधिकारी (BDO) हैं, तो सांसद ने कहा— “सब खड़े हो जाओ।” इस वाकये के बाद प्रशासनिक हलकों और जनमानस में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सांसद को अपने ही जिले की बुनियादी प्रशासनिक संरचना की पूरी जानकारी नहीं है।

मंडी जिले में कार्यरत हैं 14 विकास खंड
जिला प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मंडी जिले के अंतर्गत कुल 14 विकास खंड (Development Blocks) आते हैं, जहां अलग-अलग BDO तैनात हैं: 1. मंडी सदर 2. बल्ह 3. सुंदर नगर 4. गोपालपुर 5. धर्मपुर 6. द्रंग 7. चौंतड़ा 8. सराज 9. गोहर 10. करसोग 11. बाली चौकी 12. निहरी 13. धनोटू 14. चुराग
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि समीक्षा बैठकों में काम की जवाबदेही तय करना जनप्रतिनिधि का अधिकार है, लेकिन अधिकारियों को अनुचित शब्दों से संबोधित करना और संसदीय गरिमा के विपरीत भाषा का प्रयोग करना किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
