सराज विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख नागरिक चिकित्सालय जंजैहली में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। स्वीकृत 9 मेडिकल ऑफिसर (MO) पदों में से 6 पद रिक्त पड़े हैं और अस्पताल केवल 3 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। यहां नियमित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) का पद भी खाली है, जिसका कार्यभार कार्यकारी BMO डॉ. शाइना संभाल रही हैं।
डॉक्टरों की भारी कमी के कारण दर्जनों पंचायतों के मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य इलाज के लिए घंटों कतारों में लगना पड़ता है, जबकि गंभीर मामलों में मरीजों को मंडी जोनल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया जा रहा है।
प्रतिदिन 120 मरीज, 7 महीने से टेस्ट मशीन ठप
कार्यकारी बीएमओ डॉ. शाइना ने पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 120 मरीज पहुंचते हैं और डॉक्टरों की कमी के चलते व्यवस्था संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अस्पताल का बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मार्च से खराब पड़ा है। इस संबंध में सीएमओ को लिखित सूचना भेजी जा चुकी है और रोगी कल्याण समिति (RKS) की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं कांग्रेस नेता खेम सिंह ठाकुर ने अस्पताल का दौरा कर अव्यवस्थाओं पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि मशीन खराब होने से गरीब जनता निजी लैबों में महंगे टेस्ट करवाने को मजबूर है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले सराज मंडल कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश रेड्डी का घर अस्पताल के पास होने के बावजूद वे केवल ठेकेदारी तक सीमित हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी कर रहे हैं।
(नोट: मामले पर जगदीश रेड्डी से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया, लेकिन उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।)
प्रशासन अनभिज्ञ
रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा से जब फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वे फिलहाल छुट्टी पर हैं और अभी इस मामले की विस्तृत जानकारी उनके पास नहीं है।
स्थानीय जनता और समाजसेवियों ने प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जंजैहली अस्पताल में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए और खराब टेस्ट मशीनों की अविलंब मरम्मत करवाई जाए।
