जिला मंडी के सराज क्षेत्र में दो दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग नाबालिग बच्चों के साथ हुए कथित अमानवीय अत्याचार ने अब जनआक्रोश का रूप ले लिया है।
पीड़ित बच्चों के पिता सुंदर सिंह, दोनों मासूम बच्चों और गांव के दर्जनों लोगों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक मंडी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण और आक्रोश से भरा हुआ नजर आया।
पिता सुंदर सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकयत पत्र दिया गया है, शिकायत के अनुसार, पिछले करीब दो वर्षों से दोनों दिव्यांग बच्चों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा था। आरोप है कि 17 जुलाई 2026 को कुलथनी संस्कृति कार्यक्रम के दौरान रात्रि करीब 11 बजे 15-20 युवकों की एक गैंग ने दोनों दिव्यांग बच्चों को अकेले-अकेले बहला-फुसलाकर अलग-अलग कमरे में बंद कर दिया और पूरी रात बेरहमी से पीटा।

हैरान करने वाली बात यह है कि—
बच्चों को लगातार जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया
स्कूल में भी खाना खाते और पानी पीते समय तक उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा
आरोपियों ने जान से मारने की धमकियां दीं
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं
दोनों बच्चे इस समय गंभीर मानसिक और शारीरिक आघात में हैं और उनका इलाज जोनल अस्पताल मंडी में चल रहा है।
पिता सुंदर सिंह का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। अब मजबूर होकर उन्हें ग्रामीणों के साथ SP कार्यालय पहुंचना पड़ा।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि—
👉 यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा
👉 दोषियों को बचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
यह मामला अब सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला मुद्दा बन गया है।
लोगों की मांग है कि आरोपियों पर SC/ST एक्ट सहित कड़ी धाराओं में केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
“पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पिता, बच्चे और कुछ ग्रामीण उनसे मिलने पहुंचे थे। बच्चों को मेडिकल जांच के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा गया है तथा मामले की जांच के लिए डीएसपी करसोग को निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जो कई सवाल खड़े करता है।”

आस वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष लीलाधर चौहान ने पुलिस अधीक्षक मंडी को ईमेल के माध्यम शिकायत पत्र भेजकर इस मामले में गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया है तथा टेलीफोन के माध्यम से एक गंभीर मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सराज विधानसभा क्षेत्र में जातीय हिंसा को बढ़ावा देने वाली एक संदिग्ध गैंग सक्रिय है, जिसका संबंध हाल ही में दिव्यांग बच्चों के साथ हुई मारपीट की घटना से हो सकता है।
चौहान के अनुसार, कुछ युवकों ने दिव्यांग बच्चों को बेरहमी से पीटा और इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। वीडियो के माध्यम से आरोपी यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे किसी से नहीं डरते और खुलेआम गुंडागर्दी कर सकते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश का माहौल है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।
