नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग विश्राम गृह में पंचायती राज संस्थाओं के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शिरकत कर सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कहा गया कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता और उसके चुने हुए जनप्रतिनिधि होते हैं।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव करवाने को लेकर सरकार की मंशा शुरू से स्पष्ट नहीं थी। लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज़ के लिए लंबी लड़ाई के बाद अंततः माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आगे सरकार को चुनाव करवाने पड़े।
नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विकास और जनसेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
इससे पहले थुनाग बाज़ार में आयोजित धरना-प्रदर्शन में सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि देशभक्ति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की अमर पहचान है, जिसका अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

थुनाग बाजार की सड़क पर सियासी चुप्पी पर सवाल
धरना-प्रदर्शन जिस स्थान पर आयोजित हुआ, वहीं थुनाग बाजार की सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि नेता प्रतिपक्ष एवं सिराज विधायक जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर एक शब्द तक नहीं कहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर मंच से राज्य सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए गए, वहीं थुनाग बाजार की जमीनी समस्याओं—खासतौर पर दलदल में तब्दील सड़क—पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई।
व्यापारियों के अनुसार पिछले एक वर्ष से बाजार की सड़क की हालत बेहद खराब है, जिससे रोज़ाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब विधायक निधि उपलब्ध है, तो इस समस्या का समाधान अब तक क्यों नहीं हुआ।
इतना ही नहीं, व्यापार मंडल और स्थानीय व्यापारी भी अपने नेता के सामने इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं, जो क्षेत्रीय नेतृत्व और जनसंवाद पर भी सवाल खड़े करता है।
