सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाबाचनोगी के चोहट गांव में गैस सिलेंडर के रिसाव के कारण अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते 12 कमरों के पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के सदस्यों को संभलने तक का अवसर नहीं मिला। घटना के समय दूसरे कमरे में सो रहे तीन साल के मासूम बच्चे को परिजनों ने बिना समय गंवाए सुरक्षित बाहर निकाला और सभी सदस्यों ने सूझबूझ से भागकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और सभी सदस्य सुरक्षित हैं। हालांकि, परिवार की वर्षों की मेहनत, घर में रखा सामान, कपड़े और गृहस्थी की अन्य सभी वस्तुएं जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गईं, जिससे लगभग 70 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार बागाचनोगी रमेश कुमार ने बताया कि गंगाराम और योगराज के परिवार में कुल पांच सदस्य हैं, जिनके खाने-पीने का पूरा इंतजाम प्रशासन द्वारा कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रहने के लिए उनके पास अपना पुराना घर उपलब्ध है। हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का मुआयना किया और प्रभावित परिवारों को फौरी राहत सामग्री के रूप में तिरपाल, कंबल तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया।
घटना के संबंध में परिवार से सीधे बातचीत करने के लिए प्रशासन से संपर्क नंबर प्राप्त किए गए थे, लेकिन दोनों ही फोन नंबर बंद मिले, जिसके चलते पीड़ितों से सीधा संपर्क नहीं हो सका।
स्थानीय पंचायत के प्रधान खेम सिंह ने बताया कि आग की चपेट में आने से परिवार जनों के मोबाइल फोन भी पूरी तरह जल गए हैं और घर में कुछ भी शेष नहीं बचा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत तथा प्रशासन मिलकर प्रभावित परिवार को इस कठिन समय में हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
