हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एच.पी.सी.डी.पी-जायका-ओडीए) के तहत युवाओं को आधुनिक कृषि और ग्रामीण विकास से जोड़ने के लिए ‘नेक्स्ट जेनरेशन प्रोग्राम’ शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यार्थियों के चयन को लेकर खंड परियोजना प्रबंधक इकाई मंडी द्वारा प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता विकास केंद्र (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) के सहयोग से मंडी के पांच सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपलों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घासनू, गागल, राजगढ़, लोहारा और गलमा के विद्यालय प्रमुखों ने भाग लिया।
हर स्कूल से 30 विद्यार्थियों का होगा चयन
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक चिह्नित विद्यालय से 30-30 विद्यार्थियों (कुल 150 विद्यार्थी) के चयन की प्रक्रिया तय करना था। इस दौरान कार्यक्रम के उद्देश्यों, चयन के मानदंडों, छात्रों की सक्रिय भागीदारी और आगामी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्कूल प्रिंसिपलों से आग्रह किया गया कि वे छात्रों की रुचि और योग्यता के आधार पर समयबद्ध चयन सुनिश्चित करें।
व्यावहारिक अनुभव और नए अवसरों से जुड़ेंगे छात्र
खंड परियोजना प्रबंधक मंडी, डॉ. राजेश कुमार ने बताया:
“इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि, ग्रामीण विकास और इस क्षेत्र में उभरते आधुनिक अवसरों से परिचित कराना है। इसके तहत स्कूली बच्चों को व्यावहारिक अनुभव और नई जानकारियां दी जाएंगी, जिससे भविष्य में कृषि के विकास में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।”
बैठक में खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेश कुमार, कृषि विकास अधिकारी हंस राज, प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता विकास केंद्र लखनऊ के प्रतिनिधि गुरदेव तथा संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल उपस्थित रहे।
