सराज कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी पर सवाल पूछना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। जंजैहली में कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं के अलग-अलग कार्यक्रमों को लेकर किए गए सवाल पर स्पष्टीकरण देने के बजाय सराज कांग्रेस मंडल अध्यक्ष जगदीश रेड्डी और उनके बेटे नितेश ठाकुर पर पत्रकार को धमकाने व सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में दैनिक सवेरा टाइम्स के पत्रकार एवं aas24news.in के मुख्य व्यवस्थापक (Chief Admin) लीलाधर चौहान ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) मंडी को ईमेल के माध्यम से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भी भेजी गई है।

सवाल: एक ही दिन, एक ही पार्टी के दो अलग कार्यक्रम क्यों?
शिकायत के अनुसार, पत्रकार लीलाधर चौहान ने सराज कांग्रेस मंडल अध्यक्ष जगदीश रेड्डी से सवाल किया था कि जंजैहली में एक ही दिन कांग्रेस पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं— जगदीश रेड्डी और चेतराम ठाकुर के अलग-अलग कार्यक्रम क्यों आयोजित किए गए? जब दोनों नेता एक ही कांग्रेस पार्टी से संबंध रखते हैं, तो एक ही जगह संयुक्त कार्यक्रम क्यों नहीं रखा गया?
जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया पर दी धमकी
कांग्रेस के इस अंदरूनी तालमेल पर सवाल का उत्तर देने के बजाय मंडल अध्यक्ष के पुत्र नितेश ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पत्रकार को सार्वजनिक रूप से धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने टिप्पणी करते हुए लिखा— “ये आपसे नहीं पूछना है… यह पार्टी का निजी मामला है, आप कौन होते हैं यह पूछने वाले और वीडियो डालने वाले। अपनी हद में रहा करो… कुछ ज्यादा ही हो रहा है… मत बोलना”।

मंडल अध्यक्ष ने व्हाट्सएप पर कहा— ‘मेरे बारे में लिखना-बोलना बंद करो’
पत्रकार लीलाधर चौहान ने जब इस पूरे मामले की जानकारी व्हाट्सएप के जरिए मंडल अध्यक्ष जगदीश रेड्डी को दी, तो उन्होंने अपने बेटे को समझाने के बजाय खुद पत्रकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जगदीश रेड्डी ने धमकी भरे लहजे में लिखा— “मेरे बारे लिखना बोलना बंद कर दो वरना में भी कार्यवाही कर सकता हूँ पुलिस सिर्फ़ आपके लिए ही नहीं OK”। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता के संवैधानिक दायित्व को दरकिनार करते हुए “बकवास बंद करो”, “ज़्यादा होशियार न बनो आप” और “मुझे मत उकसाओ” जैसी आपत्तिजनक व अमर्यादित टिप्पणियां कीं।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पत्रकार लीलाधर चौहान ने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता का गला घोंटने और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के प्रभाव में इस तरह खुलेआम लिखना-बोलना बंद करने की धमकी देना उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक मंडी से फेसबुक और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट के आधार पर दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

