भाजपा पर चुनाव आयोग का ‘राजनीतिक प्रवक्ता’ बनने का लगाया आरोप
मंडी में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली पर कांग्रेस महासचिव का तीखा पलटवार
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं कुल्लू जिला प्रभारी दीपक शर्मा ने मंडी में भाजपा द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आज लोकतंत्र की चिंता सता रही है, यह अच्छी बात है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा केवल खोखले नारों और राजनीतिक रैलियों से नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और स्वतंत्रता बनाए रखने से होती है।
दीपक शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस यह मांग किसी राजनीतिक दुर्भावना के चलते नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की साख और निष्पक्षता पर खड़े गंभीर सवालों के कारण कर रही है। उन्होंने कहा कि खुद चुनाव आयोग के भीतर से ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाताओं के नाम काटने-जोड़ने की कार्यप्रणाली पर आंतरिक सवाल उठे हैं। ऐसे में सवालों का पारदर्शी उत्तर देने के बजाय भाजपा का आयोग के बचाव में ढाल बनकर उतरना उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसा कि निष्पक्षता चुनाव आयोग को साबित करनी चाहिए, लेकिन उसकी पैरवी का जिम्मा भाजपा ने उठा रखा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही मांगना अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने भाजपा को नसीहत दी कि लोकतंत्र बचाने की शुरुआत दूसरों को उपदेश देने से नहीं, बल्कि सत्ता में रहते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने और संस्थाओं की स्वतंत्रता का सम्मान करने से होती है।
